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कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर की मेमोरी

 कंप्यूटर की मेमोरी 

मेमोरी कार्य करने के दौरान कोई निर्देश देने एवं डाटा को स्टोर करने के काम आता है

कंप्यूटर की मेमोरी को मुख्य रूप से दो भागों में बांट सकते हैं-

  1. प्राइमरी मेमोरी
  2. सेकेंडरी मेमोरी


प्राइमरी मेमोरी

कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी वह आवश्यक मेमोरी होती है जिसके बिना कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता। प्राइमरी मेमोरी सीधे मदरबोर्ड में लगा हुआ रहता है। प्राइमरी मेमोरी में किसी प्रकार का डाटा स्टोर नहीं किया जाता है, यह प्रोसेसिंग के दौरान उपयोग में लाया जाता है।
 
यहां निम्न प्रकार के होते हैं-
  1. रोम(ROM)
  2. रैम (RAM)
  3. कैश (cache)
  4. रजिस्टर(register)
द्वितीयक मेमोरी/ सेकेंडरी स्टोरेज

 द्वितीयक मेमोरी कंप्यूटर की वह मेमोरी होती है जिसमें कंप्यूटर के सारे प्रोग्राम एवं डाटा स्टोर रहता है। इसे सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस भी कहते हैं।

 सेकेंडरी स्टोरेज  डिवाइस निम्न प्रकार के होते हैं-
  • मैग्नेटिक टेप
  • मैग्नेटिक डिस्क
  • ऑप्टिकल डिस्क
  • यूएसबी ड्राइव
  • मेमोरी कार्ड
डाटा अभिगमन की विधियां(Data Access method)

डाटा एक्सेस करने की मुख्य रूप से निम्न विधियां हैं-

क्रमिक अभिगमन विधि

डाटा अभिगमन की इस विधि में हम किसी स्टोरेज डिवाइस में संग्रहित डाटा को उसी क्रम में प्राप्त कर सकते हैं जिस क्रम में उसे संग्रहित किया गया है। जैसे ऑडियो कैसेट

सीधा अभिगमन विधि

इस विधि में डाटा को किसी भी क्रम में प्राप्त किया जा सकता है। यहां किसी डाटा तक पहुंचने में क्रमिक अभिगमन विधि की अपेक्षा कम समय लेता है। जैसे ग्रामोफोन के रिकॉर्ड
इंडेक्स सीक्वेंशियल अभिगमन विधि

डाटा अभिगमन कि इस विधि में किसी स्टोरेज  डिवाइस में संग्रहित डाटा तक पहुंचने के लिए एक सूची बनाई जाती है, जिसमें प्रत्येक डाटा का एड्रेस संग्रहित रहता है जिसकी मदद से उस डाटा तक पहुंचने में कम समय लगता है।

 



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