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कंप्यूटर फंडामेंटल: मालवेयर(malware) प्रोग्राम

 मालवेयर (malware ) प्रोग्राम 

 ऐसे प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर जो आपकी सिस्टम को नुकसान पहुँचने के उद्देश्य से बनाया गया होता है । यह आपके कंप्यूटर डेटा को मिटा या चुरा सकता है । ऐसे प्रोग्राम को मालवेयर कहा जाता है ।

मालवेयर (malware) प्रोग्राम के उदाहरण - 

  • कंप्यूटर वायरस(computer virus)
  • ट्रॉन्जन(trojans)
  • बॉम्ब्स(Bombs)
  • वर्म्स(worms)
  • स्पाई वेयर (spyware)
  • रेनसमवेयर (ransomeware)
  • एडवेयर (adware)


कंप्यूटर वायरस 

एक  मालवेयर प्रोग्राम ही होता है किंतु इसका प्रमुख उद्देश्य कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाना होता है। इस प्रकार के प्रोग्राम को मालवेयर(malware) प्रोग्राम भी कहा जाता है।

यह वायरस की तरह अपने आप को कॉपी करके दोगुना करते जाता है और और कंप्यूटर के मेमोरी को भरते जाता है।

कंप्यूटर वायरस समानता डाटा को मिटाना ,कॉपी करना ,किसी फाइल का नाम बदलना एवं हार्ड डिस्क को फॉर्मेट कर देना जैसा कार्य कर सकता है।

कंप्यूटर वायरस का इतिहास

  • सन 1971 में पहला कंप्यूटर वायरस देखा गया था जिसे क्रीपर सिस्टम (creeper system) नाम दिया गया था। यह अपने आप को कॉपी करके हार्ड डिस्क को को भर देता था।
  • सन 1986 मे ब्रेन नाम का कंप्यूटर वायरस तेजी के साथ फैला था। इसे दो पाकिस्तानी भाइयों ने बनाया था। यह मुख्य रूप से एमएस डॉस ऑपरेटिंग सिस्टम वाले सिस्टम को नुकसान पहुंचाता था। यह फ्लॉपी डिस्क से बूट सेक्टर में ओवरराइट कर देता था और ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड होने नहीं देता था।
  • सन 1988 में द मोरिस नाम का वायरस इंटरनेट के माध्यम से तेजी से फैला था।
  • सन 1991 में माइकल एंजेलो नाम का एक वायरस बना था जो प्रत्येक साल के 6 मार्च को हार्ड डिस्क को फॉर्मेट कर देता था।
  • सन 1998 में सीआईएच वायरस लगभग 7 मिलियन कंप्यूटर स्कोर नुकसान पहुंचाया था, यह मुख्य रूप से सिस्टम फाइल को लोड होने नहीं देता था।
  • सन 1999 में मेलिसा कंप्यूटर वायरस ईमेल के माध्यम से फैला था ।यह एक माइक्रो वायरस था।
  • सन 2000 में आई लव यू वायरस ईमेल के माध्यम से फैला था ।
कंप्यूटर वायरस के प्रकार
  • बूट सेक्टर वायरस - ऐसे वायरस कंप्यूटर के बूटिंग प्रोसेस को नुकसान पहुंचाते हैं ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड नहीं होने देते जिसकी वजह से कंप्यूटर चालू नहीं हो पाता है।
  • पार्टीशन टेबल वायरस - यह किसी हार्ड डिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाते हैं। रैम की क्षमता कम कर देते हैं ।इनपुट आउटपुट नियंत्रक प्रोग्राम में त्रुटि उत्पन्न करते हैं।
  • फ़ाइल वायरस - इस प्रकार के वायरस उन फाइलों को नुकसान पहुंचाते हैं जिनका सेकेंडरी नाम .exe होता है ।
  • पॉलीमोरफिक वायरस - इस प्रकार का वायरस अपनी पहचान को बार-बार बदलते रहता है। 1260 वायरस ऐसे ही एक वायरस था जो 1990 में दिखी थी ।
  • स्टील्थ वायरस - इसे गुप्त वायरस भी कहा जाता है। यह अपनी पहचान छुपा कर सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।
  • मैक्रो वायरस - इस प्रकार का वायरस मुख्य रूप से वर्ड और एक्सेल में बनी फाइल को नुकसान पहुंचाता है। मेलिसा वायरस इसी प्रकार का वायरस था जो 1999 में दिखी थी ।
वायरस की तरह व्यवहार करने वाले प्रोग्राम :- 
  1. ट्रोजन (trojan) - इस प्रकार के प्रोग्राम अपने आप को दोगुना नहीं करते किंतु सिस्टम को नुकसान पहुंचाते हैं जैसे हार्ड डिस्क को फॉर्मेट करना। यह यूजर को लाभकारी होने का दावा करता है किंतु किसी विशेष दिनांक में हार्ड डिस्क को फॉर्मेट कर देता है।  PKZ300 ट्रोजन हॉर्स का उदाहरण है ।
  2. बम(Bombs) - बम इस प्रकार का प्रोग्राम होता है जो हार्ड डिस्क को फॉर्मेट कर देता है ,यह विशेषकर यूजर डिफाइन बटन या फंक्शन बटन के कार्य को बदल देता है, यह अपने आप को दोगुना नहीं करता है।
  3. वर्म्स (worms) - इस प्रकार का प्रोग्राम सिस्टम को नुकसान नहीं पहुंचाता किंतु अपने आप को दोगुना करके डिस्क को भरते जाता है।
  4. ईमेल होक्सेस(Email - Hoaxes) - इस प्रकार का प्रोग्राम यूजर को वायरस होने की सूचना देता है। इस बात को प्रमाणित करने हेतु कुछ तकनीकी बातें भी बताता है। यह नुकसान नहीं पहुंचाता किंतु यूजर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता है ।
  5. कॉम्पनियंस(Companions) - इस प्रकार का प्रोग्राम .exe फ़ाइल की एक डुप्लीकेट कॉपी तैयार करता है , जिसका सेकेंडरी नाम .com होता है । जब हम .exe फ़ाइल को क्रियान्वित करते है ,तो .com फ़ाइल  क्रियान्वित हो जाता है ।
रैनसमवेयर (Ransomeware) - ऐसा मालवेयर प्रोग्राम होता है जो आपके कंप्यूटर में उपस्थित महत्वपूर्ण डेटा को किसी अन्य डिजिटल रूप में बदल देता है , जिसे यूजर पढ़ नही पता है । इसे ठीक करने हेतु पैसे की मांग करता है ।
स्पाईवेयर (spyware) - ऐसा मालवेयर प्रोग्राम होता है जो इंटरनेट पर आपकी जासूसी करता है । आपकी निजी जानकारी जुटाने का प्रयास करती है । 
एडवेयर (adware) - ऐसे मालवेयर प्रोग्राम जो, आपके सिस्टम में अपने आप इंस्टाल हो जाये और विज्ञापन प्रदर्शित करने लगे ।
कंप्यूटर वायरस निरोधी प्रोग्राम -

ऐसे प्रोग्राम जो कंप्यूटर वायरस को ढूंढते हैं या वायरस से सिस्टम की  रक्षा करते हैं, उसे कंप्यूटर वायरस निरोध प्रोग्राम कहां जाता है।

कुछ एंटीवायरस सॉफ्टवेयर निम्न है - 
  • McAfee
  • Bitdefender
  • Norton
  • Bullguard
  • Panda

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