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Showing posts from February, 2021

कंप्यूटर फंडामेंटल: इनपुट डिवाइस

  इनपुट डिवाइस इनपुट डिवाइस डिवाइस होता है जो उपयोगकर्ता के द्वारा दिए गए निर्देश या डेटा को कंप्यूटर के समझने लायक भाषा में बदलता करता है अर्थात उसे बायनरी में बदल देता है। निम्नलिखित प्रकार के इनपुट डिवाइस होते हैं - कीबोर्ड  माउस ट्रैक बॉल जॉयस्टिक स्कैनर   कीबोर्ड(keyboard) कीबोर्ड एक टाइपिंग इनपुट डिवाइस से जिसमें हम टेक्स्ट डेटा को लिखकर  इनपुट करा सकते हैं, जिसमें बहुत सारे बटन बने होते हैं। इन बटन के ऊपर अक्षर लिखा हुआ होता है ,जब हम किसी बटन को दबाते हैं तो यह बायनरी कोड बदलकर  डेटा सीपीयू तक पहुंचाता है ।   कीबोर्ड के बटन को मुख्य रूप से निम्न भागों में बांटा जा सकता है- 1. फंक्शन की(function key) - f1 -f12 तक के बटन को फंक्शन की कहा जाता है, यह कीबोर्ड के सबसे ऊपरी हिस्से में होता है।इसे यूजर डिफाइन की भी कहा जाता है। फंक्शन की के कार्य पूर्व निर्धारित होते हैं ,जिसके कार्य अलग-अलग प्रोग्राम के लिए अलग-अलग होता है ।उपयोगकर्ता चाहे तो इनकी कार्य को अपने  जरूरत अनुसार बदल सकता है। 2.न्यूमेरिक की पैड (numeric keypad) - अंकगणित  कार्य करने...

कंप्यूटर फंडामेंटल : कंप्यूटर की सेकेंडरी मेमोरी/स्टोरेज

  सेकेंडरी मेमोरी /स्टोरेज   कंप्यूटर की सेकेंडरी मेमोरी में हम डाटा को स्थाई रूप से स्टोर कर सकते हैं , यह वह जगह होता है जहां पर सिस्टम के सारे प्रोग्राम और आपकी सभी प्रकार की डाटा मौजूद होते हैं। इसे हम मुख्य रूप से दो प्रकार से वर्गीकृत कर सकते है 1.फिक्स्ड स्टोरेज 2.रिमूवल स्टोरेज सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस निम्न है -  मेग्नेटिक टेप - ऑडियो कैसेट, वीडियो कैसेट मेग्नेटिक डिस्क - फ्लॉपी डिस्क ड्राइव, हार्ड डिस्क ड्राइव । ऑप्टिकल डिस्क - सीडी,डीवीडी,बीडी  मेमोरी कार्ड - एसडी कार्ड ,मल्टीमीडिया कार्ड यूएसबी ड्राइव्स - पेन ड्राइव  मेग्नेटिप टेप  यह एक सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है जो पहले डाटा संग्रहित करने के लिए उपयोग में लाया जाता था । यह नायलॉन की बनी लंबी पट्टी होती थी , जिसमें चुम्बकीय पदार्थ का लेपन किया हुआ रहता था । इसी पट्टी में डाटा को स्टोर किया जाता था इसमें  क्रमिक डाटा एक्सेस विधि नॉन वोलेटाइल स्टोरेज ऑडियो और वीडियो डाटा स्टोर कर सकते है । यह सस्ता एवं ज्यादा नाजुक  अन्य स्टोरेज के अपेक्षा कम मात्रा में डाटा स्टोर कर सकते हैं।...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी

  कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी वह मेमोरी होती है जो किसी प्रोसेस के दौरान डाटा ,सूचना या प्रोग्राम को  संग्रहित करके रखता है। इसे वर्किंग मेमोरी कहा जाता है। कंप्यूटर की मेमोरी साइज की सबसे छोटी इकाई बिट्स होता है आप नीचे मेमोरी साइज के बारे में जान सकते हैं- 8 bits = 1 byte 4 bits = 1 nibbles 1024 byte= 1kb 1024 kb = 1 Mb 1024 Mb= 1Gb 1024 Gb = 1 TB 1024 TB = 1 PB प्राथमिक मेमोरी निम्न प्रकार के होते हैं-  रैम (RAM) रोम(ROM) कैश(cache)  रजिस्टर(register) रेंडम एक्सेस मेमोरी(Randon access memory) यहा एक प्राथमिक मेमोरी है ,जो प्रोसेस के दौरान प्रोग्राम ,डाटा या किसी प्रकार की सूचना को अस्थाई रूप से संग्रहित करके रखती हैं, जिसे आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कराती है। कंप्यूटर के बंद होने पर या बिजली चले जाने पर रैम में संग्रहित डाटा वहां से हट जाती है। इसलिए इसे आई स्थाई मेमोरी कहा जाता है ।इंग्लिश में इसे वोलेटाइल (volatile)मेमोरी कहा जाता है। रैम के विभिन्न प्रकार(types of Ram)- डायनामिक रैम(Dynamic Ram) सिंक्रोनस डीरैम (Synchronous Dram) स्टै...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर की मेमोरी

  कंप्यूटर की मेमोरी  मेमोरी कार्य करने के दौरान कोई निर्देश देने एवं डाटा को स्टोर करने के काम आता है कंप्यूटर की मेमोरी को मुख्य रूप से दो भागों में बांट सकते हैं - प्राइमरी मेमोरी सेकेंडरी मेमोरी प्राइमरी मेमोरी कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी वह आवश्यक मेमोरी होती है जिसके बिना कंप्यूटर कार्य नहीं कर सकता। प्राइमरी मेमोरी सीधे मदरबोर्ड में लगा हुआ रहता है। प्राइमरी मेमोरी में किसी प्रकार का डाटा स्टोर नहीं किया जाता है, यह प्रोसेसिंग के दौरान उपयोग में लाया जाता है।   यहां निम्न प्रकार के होते हैं- रोम(ROM) रैम (RAM) कैश (cache) रजिस्टर(register) द्वितीयक मेमोरी/ सेकेंडरी स्टोरेज  द्वितीयक मेमोरी कंप्यूटर की वह मेमोरी होती है जिसमें कंप्यूटर के सारे प्रोग्राम एवं डाटा स्टोर रहता है। इसे सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस भी कहते हैं।   सेकेंडरी स्टोरेज  डिवाइस निम्न प्रकार के होते हैं- मैग्नेटिक टेप मैग्नेटिक डिस्क ऑप्टिकल डिस्क यूएसबी ड्राइव मेमोरी कार्ड डाटा अभिगमन की विधियां(Data Access method) डाटा एक्सेस करने की मुख्य रूप से निम्न विधियां हैं- क्रमिक अभिगमन विधि ...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर के प्रकार

  कंप्यूटर के प्रकार कंप्यूटर के कार्य करने के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और आकार के आधार पर निम्न वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है-  कार्य करने के उद्देश्य के आधार पर सामान्य उद्देश्य के कंप्यूटर विशिष्ट उद्देश्य के कंप्यूटर   कंप्यूटर के कार्य प्रणाली के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार एनालॉग कंप्यूटर डिजिटल कंप्यूटर हाइब्रिड कंप्यूटर  कंप्यूटर के आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार माइक्रो कंप्यूटर वर्क स्टेशन मिनी कंप्यूटर मेनफ्रेम कंप्यूटर सुपर कंप्यूटर   सामान्य उद्देश्य के कंप्यूटर   ऐसे कंप्यूटर सामान्य कार्य जैसे ऑफिशियल, एकाउंटिंग ,शिक्षा के लिए उपयोग में लाया जाता है। सामान्य तो यहां एक डिजिटल कंप्यूटर होता है। यह अन्य कंप्यूटर के अपेक्षा सस्ता होता है। अपने आसपास जो भी कंप्यूटर वह सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर होता है। विशेष उद्देश्य के कंप्यूटर ऐसे कंप्यूटर जो विशिष्ट कार्यों को संपादित करते हैं जैसे रक्षा, मौसम की भविष्यवाणी ,चिकित्सा। यह अधिक शक्तिशाली तेज और अधिक विश्वसनीय कंप्यूटर होता है। यह कंप्यूटर एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रकार का हो सकता है। एनालॉ...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर के कंपोनेंट्स एवं पोर्ट्स

 कंप्यूटर के कंपोनेंट्स एवं पोर्ट्स मदरबोर्ड(motherboard)  मदर बोर्ड जिसे प्रिंटेड सर्किट बोर्ड भी कहा जाता है सीपीयू के अंदर कंप्यूटर सिस्टम में लगाया जाता है। इस बोर्ड की मदद से हम अन्य बाह्य उपकरणों को एवं विस्तार करने के सुविधा दी होती है । जैसे- हार्ड डिस्क ,कीबोर्ड , माउस । प्रोसेसर(processor)  प्रोसेसर एक छोटा सा चिप होता है जो कंप्यूटर के अंदर मदरबोर्ड में लगाया जाता है| यह इनपुट डिवाइस से निर्देशित किसी कार्य को करता है और करने के बाद परिणाम को आउटपुट डिवाइस को भेज देता है। इसके कार्य करने की गति इतनी तेज होती है कि एक सेकंड में करोड़ों गणनाएं कर सकता है।   सबसे पहला प्रोसेसर इंटेल कंपनी ने सन 1971 में बनाया था जिसका नाम इंटेल 4004 था। किसी प्रोसेसर की गति मापने की इकाई हर्ट्ज है । मुख्य मेमोरी(main memory) मैन मेमोरी कंप्यूटर की प्राथमिक मेमोरी होती है , जिसमें प्रोसेसिंग के दौरान उपलब्ध डाटा अस्थायी तौर पर इसी मेमोरी में संग्रहित रहती है । जैसे ही प्रोसेसिंग का काम खत्म होता है , डाटा यहाँ से हट जाता है । सेकेंडरी मेमोरी - हार्ड डिस्क ड्राइव(Hard disk driv...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर की पीढ़ियां

 कंप्यूटर की पीढ़ियां कंप्यूटर की पीढ़ियों में हम कंप्यूटर के तकनीकी विकास के बारे में पढ़ते हैं। कंप्यूटर में कौन से नई तकनीक जोड़ी गई ,उसकी गति कितनी बढ़ी,आकार कितना था ,उसके कलपुर्जे कैसे बने थे ,इन सभी का अध्ययन कंप्यूटर के पीढ़ियों के अंतर्गत किया जाता है। मुख्यतः कंप्यूटर को 5 पीढ़ियों में बाँट कर पढ़ सकते हैं-  पहली पीढ़ी -  1946-1956 ईस्वी तक दूसरी पीढ़ी-  1956-1964 ईस्वी तक तीसरी पीढ़ी- 1964-1971 ईस्वी तक चौथी पीढ़ी - 1971 - वर्तमान  पांचवी पीढ़ी - वर्तमान से भविष्य तक कंप्यूटर की पहली पीढ़ी(1946-1956 ईस्वी तक ) सन 1946 से 1956 तक जितने भी कंप्यूटर बने उसे इस विधि के अंतर्गत रखा जाता है। पहली पीढ़ी के कंप्यूटर आकार में बड़े थे। कलपुर्जे के रूप में वेक्यूम ट्यूब का प्रयोग किया गया था। वेक्यूम ट्यूब कांच की बनी एक निर्वात नली होती थी जिसका प्रयोग परिपथ बनाने में किया गया था। वेक्यूम ट्यूब ज्यादा गर्म ना हो जाए इसके लिए बहुत सारे एयर कंडीशनर लगाए गए थे। इस पीढ़ी के कंप्यूटर की कुछ विशेषताएं निम्न है-  यह विशेष उद्देश्य का कंप्यूटर था। इस पीढ़ी के कंप्य...

कंप्यूटर फंडामेंटल : कंप्यूटर का इतिहास

 कंप्यूटर का इतिहास  यदि हम कंप्यूटर के विकास की बात करें तो हजारों साल पहले से ही इसका इतिहास प्रारंभ होता है। अबेकस(abacus) का गणना यंत्र अबेकस ने एक ऐसा गाना यंत्र बनाया था जिसकी मदद से जोड़ घटाव गुणा भाग संबंधी कार्य किया जा सकता था यह एक मैकेनिकल डिवाइस था। इस डिवाइस में एक चौकोर आकार के फ्रेम में बहुत सारे तार लगे हुए रहते थे जिसमें गोल आकृति की गेंद लगी हुई रहती थी इन्हीं गेंद की मदद से गणना कार्य किया जाता था।   ब्लेज पास्कल का पास्कलाइन मशीन ब्लेज पास्कल ने 1645 ई में एक मेकेनिकल डिजिटल केलकुलेटर बनाया जिसे उन्होंने एडिंग मशीन नाम दिया था, इस मशीन की मदद से जोड़ -घटाव संबंधी कार्य आसानी के साथ किया जा सकता था। इस मशीन में दांतेदार युक्त चकरिया लगी हुई रहती थी, जिसमें 0 से 9 तक के अंक अंकित किए गए थे। प्रत्येक चकरी का एक स्थानीय मान होता था। ब्लेज पास्कल के एडिंग मशीन को पास्कलाइन कहा जाता है जो सबसे पहला मैकेनिकल कैलकुलेटिंग मशीन था। सन 1694 में जर्मन गणितज्ञ गार्ड फ्रेट बिल होम लोन लेबनीज ने पास्कलाइन मशीन में सुधार करके एक नई मशीन बनाई जिसे रेकनिंग मशीन नाम ...

कंप्यूटर फंडामेंटल: कंप्यूटर के प्रमुख भाग

 कंप्यूटर के प्रमुख भाग यदि हम कंप्यूटर के विभिन्न भागों की बात करें तो मुख्य रूप से इसे प्रमुख तीन भागों में बांट सकते हैं-  इनपुट यूनिट प्रोसेसिंग यूनिट आउटपुट यूनिट इन प्रमुख भागों के बारे में नीचे हम विस्तार से चर्चा करेंगे-  इनपुट यूनिट(input unit)  यह कंप्यूटर का वह भाग होता है जिसके द्वारा यूजर और कंप्यूटर के बीच संवाद स्थापित किया जाता है यूजर के द्वारा दी गई निर्देश और डाटा को डिजिटल रूप में परिवर्तित करता है। जैसे- कीबोर्ड माउस स्कैनर जॉय स्टिक ट्रैकबॉल डिजिटल ग्राफिक टेबलेट माइक्रोफोन वायस रिकॉग्नाइजर प्रोसेसिंग यूनिट(processing unit) प्रोसेसिंग यूनिट जिसे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट भी कहा जाता है। यह कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है, जिसे कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है । इसे  निम्न भागों में बांटा जा सकता है- मेमोरी यूनिट ए एल यू कंट्रोल यूनिट मेमोरी यूनिट(memory unit)  यह सीपीयू के अंदर स्थित कंप्यूटर का महत्वपूर्ण भाग होता है। मेमोरी यूनिट में यूजर के द्वारा दिए गए निर्देश, डाटा एवं मध्यवर्ती परिणामों को संग्रहित कर के रखा जाता है। जब भी कंप...

कंप्यूटर फंडामेंटल : कंप्यूटर के विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोग

 कंप्यूटर के अनुप्रयोग इस इस चैप्टर में हम कंप्यूटर के विभिन्न क्षेत्रों में अनुप्रयोग के बारे में पढ़ेंगे। व्यापार(business)  कंप्यूटर के उच्च गति से गणना करने , शुद्धता  ,विश्वसनीयता सार्वभौमिकता जैसे गुणों के कारण व्यवसायिक क्षेत्रों में इसका बहुतायत रूप से प्रयोग में लाया जाता है। व्यवसायिक क्षेत्र में कंप्यूटर के द्वारा निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं- वेतन पत्र का संधारण बजट बिक्री विश्लेषण वित्तीय भविष्यवाणी कर्मचारियों के डेटाबेस का प्रबंधन स्टॉक प्रबंधन बैंकिंग(banking) आजकल बैंकों से संबंधित सभी कार्य कंप्यूटर के द्वारा ही किए जा रहे हैं। ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा , बैलेंस चेक करना जमा करना  ,आहरण  ,ब्याज की गणना। एटीएम जो एक प्रकार का कंप्यूटर ही है ,जिससे आप बैंकिंग लेनदेन संबंधी कार्य कर सकते हैं । बीमा(insurance) बीमा कंपनियां अपने सभी प्रकार की जानकारियों को रखने के लिए कंप्यूटर प्रयोग में लाया जा रहा है। बीमा कंपनी शेयर मार्केटिंग लोन देने वाली कंपनी यह सभी निम्न प्रकार के कार्य करने के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं...

कंप्यूटर फंडामेंटल : परिचय,विशेषताएं एवं सीमाएं

 आज का युग सूचनाओं के भंडार का युग कहा जाता है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कंप्यूटर के बारे में जानना आवश्यक हो गया है। कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डाटा प्रोसेसिंग मशीन है जो डाटा को  स्वीकार एवं इनपुट करता है, इनपुट डाटा पर  प्रोसेसिंग करता है और हमारी आवश्यकता के अनुसार परिणाम को प्रदर्शित करता है।   कंप्यूटर की कार्य प्रणाली यदि हम कंप्यूटर की कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास करें तो  प्रमुख रूप से पांच करता है- Step 1 -  डाटा को इनपुट करता है। Step 2 - दिए गए निर्देशों एवं डाटा को मेमोरी में संग्रहित करता है जिसे आवश्यकता के अनुसार उपयोग में लाया जाता है। Step 3 - डाटा पर प्रोसेसिंग करता है और उसे उपयोगी सूचनाओं में परिवर्तित करता है। Step 4 -  डाटा प्रोसेसिंग के बाद परिणाम को प्रदर्शित करता है। Step 5 - उपर्युक्त वर्णित सभी कार्यों पर नियंत्रित रखता है। कंप्यूटर की विशेषताएं  कंप्यूटर की प्रमुख विशेषताएं निम्न है- उच्च गति(High speed)  कंप्यूटर बहुत तेज गति के साथ काम करता है। अधिक मात्रा में डाटा को प्रोसेसिंग करने की क्षमता रखता है। यदि हम क...